https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली जासूसी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा समेत कम से कम 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सेना की गोपनीय जानकारियों, कैंटोनमेंट और एयरबेस की तस्वीरें, सैनिकों की मूवमेंट तक – सब कुछ ISI को भेजा जा रहा था। जानिए इस देशद्रोही जासूसी नेटवर्क की पूरी टाइमलाइन, नाम, लोकेशन और उनके पाकिस्तानी कनेक्शन।
जासूसी की पूरी टाइमलाइन – कब, कहां, कौन पकड़ा गया?
4 मई | अमृतसर, पंजाब: पलक शेर मसीह और सूरज मसीह गिरफ्तार
ISI को कैंटोनमेंट और एयरबेस की तस्वीरें भेजीं। संपर्क सूत्र: हरप्रीत सिंह उर्फ पिट्टू (अमृतसर जेल में बंद)।
11 मई | मलेरकोटला: गुजाला और यामीन मोहम्मद गिरफ्तार
ISI हैंडलर दानिश को ₹30,000 में संवेदनशील जानकारी भेजी।
13 मई | गुरदासपुर: सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सैनिक मूवमेंट और ड्रग स्मगलिंग कनेक्शन सामने आया।
15 मई | पानीपत, हरियाणा: नोमान इलाही गिरफ्तार
यूपी का मूल निवासी, ISI नेटवर्क से सीधे संपर्क में।
16 मई | हिसार: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा गिरफ्तार
3.7 लाख सब्सक्राइबर वाले चैनल ‘Travel with JO’ की मालकिन। पाकिस्तान उच्चायोग में दानिश से मुलाकात, गोपनीय डेटा भेजने का आरोप। लैपटॉप, मोबाइल जब्त – जांच में पाकिस्तान लिंक की पुष्टि।
17 मई | कैथल: देवेंद्र सिंह गिरफ्तार
4 पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स से संपर्क, 2023 में पाक यात्रा की पुष्टि।
18 मई | नूंह: अरमान और मोहम्मद तारीफ गिरफ्तार
तारीफ ने पाक अधिकारी को सिम कार्ड दिए, पाकिस्तान यात्रा कबूल की।
क्यों खतरनाक है ये नेटवर्क?
पाकिस्तान को सेना से जुड़ी रणनीतिक जानकारी भेजी गई। कई आरोपी पहले ड्रग तस्करी में भी लिप्त थे, जिससे ISI तक संपर्क बना। डिजिटल डिवाइसेज़ से फोरेंसिक डेटा एनालिसिस जारी है।
मीडिया में क्यों छाई हैं ज्योति मल्होत्रा?
एक पॉपुलर ट्रैवल यूट्यूबर जो देश की दुश्मन बन गई। युवाओं में लोकप्रियता का फायदा उठाकर संवेदनशील जानकारियों को विदेशों में लीक किया। यह गिरफ्तारी साइबर-सुरक्षा और डिजिटल नैतिकता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
जांच एजेंसियों की तैयारी:
सभी आरोपियों के बैंक खातों, UPI लेन-देन और डिजिटल footprints की जांच। ISI नेटवर्क में और भी लोगों की तलाश जारी। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर।
यह केस सिर्फ एक जासूसी की घटना नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा प्रणाली को चुनौती देने वाली साजिश है। यूट्यूबर ज्योति की गिरफ्तारी ने दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया और फेम भी जासूसी का जरिया बन सकता है। देश के दुश्मनों से निपटने के लिए अब डिजिटल वॉरफेयर और इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत करने की ज़रूरत है।
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