https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ में फिर बढ़े कोरोना केस! ‘Pirola’ वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, वैक्सीन की ताकत भी हो रही कम
22 मई 2025 | JanmatExpress.com
हाइलाइट्स:
- भारत में फिर से कोविड-19 मामलों में उछाल, विशेषकर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में
- नया वेरिएंट ‘पिरोला (Pirola)’ मौजूदा वैक्सीन इम्यूनिटी को कर सकता है बायपास
- विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की दी सलाह
क्या है Pirola वेरिएंट और क्यों है ये खतरनाक?
भारत में कोविड-19 की एक नई लहर दस्तक दे चुकी है। केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में एक्टिव केसों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। इस नई लहर के पीछे है ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट BA.2.86, जिसे दुनिया भर में Pirola के नाम से जाना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Pirola वेरिएंट में 30 से अधिक म्यूटेशन हैं, खासकर स्पाइक प्रोटीन में। यही स्पाइक प्रोटीन वायरस को इंसानी कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है। इसका मतलब है कि यह वेरिएंट तेजी से फैलने और मौजूदा इम्यून सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हो सकता है।
क्या पुराने टीके अब असरदार नहीं रहे?
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. जतिन आहूजा के अनुसार, नया JN.1 सब-वेरिएंट वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी को पार कर सकता है। हालांकि लक्षण पुराने ओमिक्रॉन जैसे ही हैं, परंतु संक्रमित व्यक्ति गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है अगर वह हाई-रिस्क ग्रुप में आता है।
एक हालिया शोध (PLOS Pathogens) में बताया गया है कि पुराने वैक्सीनेशन से बनी T और B कोशिकाएं वायरस को कुछ हद तक पहचान सकती हैं और गंभीरता कम कर सकती हैं। लेकिन फिर भी, नए वेरिएंट्स के लिए mRNA वैक्सीन अपडेट करना ज़रूरी है।
किसे है सबसे ज़्यादा खतरा?
विशेषज्ञों ने उन लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है जिनको पहले से कोई गंभीर बीमारी है जैसे:
- अनियंत्रित डायबिटीज़
- क्रॉनिक किडनी डिजीज
- एचआईवी
- अंग प्रत्यारोपण से संबंधित मरीज
इसके अलावा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी इस नए वेरिएंट की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की सिफारिशें:
- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग करें
- बूस्टर डोज़ लेने से न चूकें
- लक्षण दिखते ही कोविड टेस्ट कराएं
- घर पर बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान दें
कोविड-19 का इतिहास और वैश्विक असर
शुरुआत कहां से हुई?
- दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में एक रहस्यमयी निमोनिया जैसे संक्रमण के मामले सामने आए।
- यह वायरस Coronavirus परिवार से जुड़ा पाया गया और WHO ने इसे SARS-CoV-2 नाम दिया।
- इस बीमारी को नाम मिला COVID-19 — Coronavirus Disease 2019।
कब बना यह वैश्विक महामारी (Pandemic)?
- 11 मार्च 2020: WHO ने कोविड-19 को Global Pandemic घोषित कर दिया।
- देखते ही देखते यह वायरस 200 से ज्यादा देशों में फैल गया।
- एयर ट्रैवल, स्कूल, ऑफिस, शादियां — सब कुछ बंद होने लगा।
लक्षण क्या थे?
- बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, स्वाद और गंध का चले जाना।
- कुछ मामलों में सिरदर्द, दस्त और थकान जैसे लक्षण भी।
इलाज और वैक्सीन की दौड़
- शुरुआत में इलाज केवल लक्षणों के आधार पर हुआ।
- 2021 तक कई वैक्सीन सामने आईं:
- Covishield (AstraZeneca/Oxford)
- Covaxin (Bharat Biotech)
- Pfizer-BioNTech, Moderna, Sputnik V, और अन्य।
दूसरी और तीसरी लहर
- दूसरी लहर (2021): भारत में डेल्टा वेरिएंट से भयानक हालात।
- अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भारी कमी।
- तीसरी लहर (2022): ओमिक्रॉन वेरिएंट ने तेज़ी से संक्रमण फैलाया, पर कम गंभीर।
वायरस के बदलते रूप (Variants):
- Alpha (UK)
- Beta (South Africa)
- Delta (https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/)
- Omicron (Multiple sub-variants: BA.1, BA.2, XBB, JN.1)
- BA.2.86 (Pirola): अब 2025 में फिर से खतरे की घंटी।
कोविड-19 का सामाजिक और मानसिक असर
- लॉकडाउन ने लाखों लोगों की नौकरी छीन ली।
- https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ पर भारी असर पड़ा — अवसाद, चिंता, आत्महत्या के मामले बढ़े।
- ऑनलाइन पढ़ाई और काम का युग शुरू हुआ।
भारत में कोविड-19 की स्थिति:
- भारत ने वैक्सीनेशन में रिकॉर्ड बनाए — 200 करोड़ से ज्यादा डोज़ दी गईं।
- कोविन (CoWIN) प्लेटफॉर्म डिजिटल वैक्सीनेशन का वैश्विक मॉडल बना।
अब क्या स्थिति है (2025)?
- कोविड-19 अब एंडेमिक माना जा रहा है — यानी यह वायरस अब हमारे साथ रहेगा, जैसे फ्लू।
- समय-समय पर वेरिएंट्स जैसे JN.1 और Pirola सामने आते हैं।
- बूस्टर डोज़, मास्क और सावधानी अब भी ज़रूरी है।
कोविड-19 एक ऐसा वैश्विक अनुभव था जिसने विज्ञान, समाज, अर्थव्यवस्था और मानवता — सभी को बदल कर रख दिया। यह इतिहास में एक ऐसा अध्याय बन गया है जिसे आने वाली पीढ़ियां किताबों में पढ़ेंगी।
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