एक दाने में बसी है परंपरा, पुरखों की गंध और भविष्य की सेहत…
परिचय:
काला नमक चावल उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र की एक प्राचीन देसी सुगंधित धान प्रजाति है, जो स्वाद, औषधीय गुण और इतिहास – तीनों की त्रिवेणी है। यह विशेष प्रकार का चावल मुख्यतः सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, बस्ती, श्रावस्ती, बलरामपुर, और महराजगंज में उगाया जाता है। इसका नाम ‘काला नमक’ उस खुशबूदार मिट्टी और प्राकृतिक नमकीन गंध के कारण पड़ा, जिसमें यह चावल पनपता है।
विशेष उल्लेख – यह वही धान है, जो भगवान बुद्ध के समय भी प्रसाद रूप में प्रचलित था।
मुख्य विशेषताएँ:
- रंग: हल्का जामुनी-भूरा या सफेद दाने जिनमें काली झलक होती है
- सुगंध: पकते ही रसोई को महका देने वाली प्राकृतिक तीव्र खुशबू
- स्वाद: हल्का मीठा, सुपाच्य व देसी पुट लिए
- प्रजाति: सुगंधित व औषधीय गुणों से युक्त
- मिट्टी: बेलनाकार बालुई मिट्टी, हल्की काली-भूरी
- पानी की आवश्यकता: सामान्य से थोड़ी कम, वर्षा पर निर्भर
पोषण व औषधीय लाभ:
- Low Glycemic Index (GI): मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त
- आयरन व जिंक से भरपूर: खून की कमी और रोगप्रतिरोधक क्षमता में सहायक
- पाचन में सहायक: कब्ज, गैस, व अपच से राहत
- हृदय और लीवर के लिए उपयोगी
- गर्भवती महिलाओं हेतु विशेष रूप से लाभकारी
इतिहास और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि:
- बुद्धकालीन परंपरा: मान्यता है कि गौतम बुद्ध ने कपिलवस्तु में इसी चावल का सेवन किया था
- लोककथाओं में वर्णित: पूर्वांचल के कई जनगीतों में काला नमक का उल्लेख मिलता है
- नाम की उत्पत्ति: “काला नमक” नाम स्थानीय मिट्टी और धान की खुशबू से प्रेरित
- GI टैग (2013): https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ सरकार द्वारा भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication) प्राप्त – सिद्धार्थनगर के नाम से
खेती की जानकारी (कृषि पक्ष):
- बोआई का समय: जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई
- रोपाई विधि: पारंपरिक पद्धति व जैविक तरीकों से
- कटाई का समय: अक्टूबर – नवम्बर
- उत्पादन क्षमता: 25–30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर (औसतन)
- खाद व सिंचाई: कम रसायनों में भी अच्छी उपज, जैविक खादों के साथ उपयुक्त
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: सामान्य धान से अधिक
बाजार, मूल्य और निर्यात:
- बाजार मूल्य: ₹80 – ₹150 प्रति किलो (गुणवत्ता और प्रोसेसिंग पर निर्भर)
- निर्यात देश: अमेरिका, यूके, जापान, जर्मनी व खाड़ी देश
- उच्च मांग: ऑर्गेनिक स्टोर्स, आयुर्वेदिक बाजार व हेल्थ ब्रांड्स
- One District One Product (ODOP): उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे सिद्धार्थनगर का विशेष उत्पाद घोषित किया है
वैज्ञानिक मान्यता और अनुसंधान:
- बीएचयू, IARI (नई दिल्ली), NDUAT (फैजाबाद) जैसे संस्थानों द्वारा शोध
- पॉलीफेनॉल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की उपस्थिति प्रमाणित
- जैविक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन: काला नमक ब्रांडिंग में कई कृषि उद्यमियों की रुचि
खास पकवान और उपयोग:
- खिचड़ी (देशी घी व अदरक के साथ)
- दाल-चावल (सरसों का तड़का विशेष स्वाद देता है)
- उबला भात (घी और नींबू के साथ)
- पूड़ी-सब्जी के साथ भोज में परोसा जाता है
- काला नमक राइस पापड़, कुकीज़, स्नैक्स भी अब प्रचलन में हैं
लोकविश्वास और अनुष्ठानिक महत्ता:
- त्योहारों में विशेष उपयोग: तीज, हरछठ, और देवोत्थान एकादशी पर भोग
- गर्भवती महिला को नवमास में दिया जाता है
- गांवों में “पारंपरिक भोज” या विवाह संस्कार में आवश्यक
संरक्षण और जागरूकता अभियान:
- डॉ. बी. के. विश्वकर्मा और डॉ. आर. के. यादव जैसे वैज्ञानिकों के प्रयास
- कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है
- Slow Food Movement और FAO (संयुक्त राष्ट्र खाद्य संगठन) द्वारा भी सराहना
सम्मान और पहचान:
- 2013: GI टैग प्राप्त
- 2018: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि गौरव सम्मान
- 2020: कृषि मंत्रालय की वेबसाइट पर “Flagship Heritage Rice” के रूप में स्थान
- 2022: International Organic Food Summit, नई दिल्ली में प्रदर्शित
भविष्य की दिशा:
- स्मार्ट पैकेजिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण के ज़रिए वैश्विक बाजार में जगह बना रहा है
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart, BigBasket) पर भी बिक्री शुरू
- गांवों में महिला SHGs द्वारा प्रोसेसिंग यूनिट का संचालन – ग्रामीण सशक्तिकरण का माध्यम
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प्रमुख बीज कंपनियाँ और उनके बीज
Villkart
- उपलब्ध बीज: Pusa Narendra Kalanamak 1638, Kalanamak Kiran
- विशेषताएँ:
- उच्च उत्पादन क्षमता (20-24 क्विंटल प्रति एकड़)
- रोग प्रतिरोधक
- सुगंधित और पौष्टिक
- उपलब्धता: Villkart वेबसाइट
PRDF (Participatory Rural Development Foundation)
- उपलब्ध बीज: Bauna Kalanamak 101, Bauna Kalanamak 102, Kalanamak Kiran
- विशेषताएँ:
- जैविक रूप से प्रमाणित
- पारंपरिक और उन्नत किस्मों का मिश्रण
- उपलब्धता: PRDF वेबसाइट
3.
Pride Seeds
- उपलब्ध बीज: Paddy Kala Namak (Chhota)
- विशेषताएँ:
- पौधे की ऊंचाई: 80-84 सेमी
- परिपक्वता: 136-142 दिन
- सुगंधित और मध्यम दाने
- उपलब्धता: Pride Seeds वेबसाइट
शिक्षण और प्रेरणा स्रोत:
- कक्षा 6–8 की एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान पुस्तक में संदर्भ
- कृषि विश्वविद्यालयों में केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाता है
निष्कर्ष:
काला नमक चावल, केवल अन्न नहीं — यह पूर्वांचल की आत्मा, खेतों की कविता, और धरती की शुद्धता का प्रतीक है। यह धान, पीढ़ियों से किसानों की हथेलियों में पसीने के संग गंध फैलाता आया है और अब आधुनिक दुनिया में सेहत का सच्चा प्रतीक बनकर उभर रहा है। इसमें अतीत की जड़ें, वर्तमान का स्वाद और भविष्य की स्वास्थ्य चेतना एक साथ समाहित हैं।


