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India-Pakistan Ceasefire: ट्रंप का दावा फेल, भारत ने कहा— नहीं लिया अमेरिका से कोई ‘मध्यस्थता’!

India-Pakistan Tension News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ ने पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। भारत ने साफ कहा है कि J&K को लेकर भारत की नीति स्पष्ट और एकतरफा है—कोई तीसरा पक्ष इसमें शामिल नहीं हो सकता।

MEA का सख्त जवाब: ‘नुक्लियर ब्लैकमेल’ का झांसा अब नहीं चलेगा

विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रेस वार्ता में कहा:

“हमारा राष्ट्रीय रुख वर्षों से स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दे भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे। इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को धमकी दी थी कि अगर वे युद्ध नहीं रोकते तो अमेरिका व्यापार बंद कर देगा। इस पर MEA ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई थी।

‘नुक्लियर वॉर’ की बात पर भारत ने क्या कहा?

ट्रंप ने खुद को परमाणु युद्ध रोकने वाला बताया था, जिस पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

भारत का पूरा सैन्य अभियान पारंपरिक हथियारों तक ही सीमित था। पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा ‘न्यूक्लियर डर’ केवल एक bluff था। भारत ने मई 10 को पाकिस्तान के 8-10 एयरबेस को निशाना बनाया जिससे पाकिस्तान ने DGMO कॉल के ज़रिए सीजफायर की गुहार लगाई।

किराना हिल्स और रेडिएशन लीकेज की खबरें गलत

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स में एक न्यूक्लियर साइट को टारगेट किया जिससे रेडिएशन लीकेज हुआ। इस पर भारत की सेना ने स्पष्ट किया कि:

ऐसा कोई हमला नहीं हुआ। सभी सैन्य कार्रवाइयां लॉजिकल और टारगेटेड थीं। पाकिस्तान ने भी बाद में परमाणु कोण से इनकार किया।

DGMO कॉल की असली कहानी

MEA प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने बताया:

पाकिस्तान हाई कमीशन से कॉल का अनुरोध 10 मई को 12:37 PM पर आया। तकनीकी खामियों के कारण पाकिस्तान की हॉटलाइन कनेक्ट नहीं हो सकी। भारतीय DGMO शाम 3:35 PM पर उपलब्ध हुए और उसी समय पर कॉल हुई। इस बातचीत में सीजफायर के समय, शब्द और समझौता तय हुआ।

“10 मई की सुबह हमने पाकिस्तान एयरफोर्स के ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया था, जिससे उन्हें बातचीत की टेबल पर आना पड़ा।”

भारत का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद का जवाब मिलेगा

MEA ने यह भी दोहराया कि भारत का संदेश शुरू से साफ था:

“22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में हम केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे थे। अगर पाकिस्तान फायर करता है, तो भारत भी करेगा। अगर पाकिस्तान रुकता है, तो भारत भी रुक जाएगा।”

India-Pakistan Ceasefire Timeline

दिनांक – घटना

22 अप्रैल – पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हमला

7 मई – भारत का “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू

10 मई सुबह – भारत ने 8-10 पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला

10 मई दोपहर – पाकिस्तान ने DGMO स्तर पर कॉल की मांग की

10 मई, 3:35 PM – भारत और पाकिस्तान DGMOs के बीच सीजफायर तय हुआ

AP News: भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज किया कि व्यापार प्रोत्साहन ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर में भूमिका निभाई। 🔗 AP News रिपोर्ट पढ़ें

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