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Gram Chikitsalay रिव्यू: ‘पंचायत’ की छाया में स्वास्थ्य व्यवस्था पर करारा व्यंग्य

Gram Chikitsalay रिलीज़ डेट: 9 मई 2025

प्लेटफॉर्म: Prime Video

रेटिंग: ★★★☆☆ (3/5)

लेखक: शेखर सुमन सिंह, संपादक – जनमत एक्सप्रेस

कहानी क्या है ?

Gram Chikitsalay की कहानी झारखंड के गांव भटकंडी में स्थित एक जर्जर और उपेक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां आता है दिल्ली से पढ़ा-लिखा, आदर्शों से प्रेरित डॉक्टर – डॉ. प्रभात सिन्हा (अमोल पाराशर)। वो कॉरपोरेट अस्पताल छोड़कर देश की सेवा करने का सपना लेकर गांव पहुंचते हैं, लेकिन यहां उन्हें मिलता है—एक टूटा भवन, लापरवाह स्टाफ, और ग्रामीण अंधविश्वास।

स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले फुतानी कंपाउंडर (आनंदेश्वर द्विवेदी) और गोविंद वार्डबॉय (आकाश माखिजा), चिकित्सा से ज़्यादा चाय-पानी में व्यस्त रहते हैं। दूसरी ओर, गांव का असली डॉक्टर बना बैठा है झोलाछाप चेतक कुमार (विनय पाठक), जो बिना डिग्री के इलाज करता है और गांव वालों का ‘मसीहा’ बन बैठा है।

डॉ. प्रभात इन हालातों को बदलने की जिद में PHC की मरम्मत से लेकर टीकाकरण अभियान तक शुरू करते हैं। उन्हें इस सफर में सहयोग मिलता है शिक्षिका इंदु (गरिमा विक्रांत सिंह) से, जो न केवल उनकी सोच से जुड़ती हैं बल्कि गांव की महिलाओं को भी प्रेरित करती हैं।

हर एपिसोड में नया संघर्ष है – दवाओं की कमी, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, चेतक की साजिशें और ग्रामीणों की बेरुखी। लेकिन इन सबके बीच, डॉ. प्रभात की उम्मीद, जुनून और दृढ़ता देखने लायक है। यह कहानी स्वास्थ्य व्यवस्था के बहाने https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ के ‘असली भारत’ को आईने की तरह दिखाती है।

मुख्य कलाकारों का प्रदर्शन:

अमोल पाराशर: एक ईमानदार और जुझारू डॉक्टर के रूप में प्रभावशाली। विनय पाठक: व्यंग्य और कॉमेडी का मिश्रण, जो झोलाछाप डॉक्टर के किरदार को जीवंत बनाता है। आनंदेश्वर द्विवेदी और आकाश माखिजा: हास्य का शानदार योगदान, जो ‘पंचायत’ की याद दिलाते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह: गंभीर और संवेदनशील महिला पात्र, जो कहानी को गहराई देती हैं।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष:

निर्देशक: राहुल पांडे लेखक: वैभव सुमन, श्रेया श्रीवास्तव संगीत: नीलोत्पल बोरा एपिसोड्स: 5 निर्माता: दीपक कुमार मिश्रा, विजय कोशी, गणेश शेट्टी प्रोडक्शन हाउस: The Viral Fever (TVF)

गांव का सेटअप वास्तविकता के करीब है, और कैमरा वर्क हर छोटी-बड़ी बारीकी को पकड़ता है। बैकग्राउंड म्यूज़िक कहानी के इमोशंस को उभारता है। हालांकि निर्देशन कहीं-कहीं खिंचा हुआ लगता है, फिर भी संवाद और दृश्य प्राकृतिक हैं।

विश्लेषण: पंचायत से तुलना और अलग पहचान

Gram Chikitsalay की तुलना Panchayat से करना स्वाभाविक है – दोनों में गांव, व्यवस्था और सादगी है। लेकिन यह सीरीज़ स्वास्थ्य सेवाओं को केंद्र में रखती है, और चिकित्सा जैसे गंभीर विषय को मनोरंजन के साथ पेश करती है। हालांकि, कहीं-कहीं कहानी पुराने ढर्रे पर चलती है और पहले से देखी गई स्थितियाँ दोहराई जाती हैं।

सीरीज़ की खासियत है – व्यंग्यपूर्ण लेखन, यथार्थपरक अभिनय और लोक-जीवन की सच्चाई। लेकिन इसका धीमा प्रवाह और सीमित एपिसोड कुछ दर्शकों को अधूरा-सा महसूस करा सकता है।

देखें या छोड़ें?

अगर आप ग्रामीण भारत, स्वास्थ्य व्यवस्था, और सच्चाई से जुड़ी हल्की-फुल्की कहानियां देखना पसंद करते हैं — तो Gram Chikitsalay आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह मनोरंजन के साथ एक सामाजिक संदेश भी देता है।

फाइनल रेटिंग: ★★★☆☆ (3/5)

कहाँ देखें: Prime Video

English Slogans

  1. “Healthy Villages, Stronger Nation.”
  2. “Primary Care, Lifelong Health.”
  3. “Your Health, Our Mission – At the Heart of the Village.”
  4. “Accessible, Affordable, Reliable Rural Healthcare.”
  5. “A Doctor in the Village is a Blessing for Generations.”

लेखक: शेखर सुमन सिंह, संपादक – Janmat Express

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