तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया, https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ में #BoycottTurkey आंदोलन तेज
जनमत एक्सप्रेस | विशेष रिपोर्ट |
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद, अब एक नया मोड़ ले चुका है। इस बार निशाने पर है तुर्की, जिसने खुलेआम पाकिस्तान का समर्थन किया है। नतीजतन, सोशल मीडिया से लेकर बाजारों तक, हर जगह #BoycottTurkey की मांग उठ रही है।
तुर्की का पाकिस्तान के पक्ष में बयान और भारत में रोष
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात कर भारत पर “अकारण आक्रामकता” का आरोप लगाया और पाकिस्तान के साथ एकजुटता जताई। पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय ने इसे X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया, जिससे भारत में आक्रोश और गहरा गया।
“आतंकवाद और पर्यटन साथ नहीं चल सकते” – सोशल मीडिया का संदेश
भारतीय सोशल मीडिया यूज़र्स ने तुर्की के इस रुख पर कड़ा विरोध जताया। एक लोकप्रिय अकाउंट @BhartiyNiveshak ने लिखा:
“अगर तुर्की की जनता को नहीं पता कि उनकी सरकार पाकिस्तान जैसे आतंकवाद समर्थक देश को हथियार दे रही है, तो यह और भी गंभीर मामला है। आतंकवाद और पर्यटन साथ नहीं चल सकते।”
यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और हजारों बार शेयर की गई।
पुणे में तुर्की से सेब का आयात बंद, व्यापारियों ने जताई देशभक्ति
पुणे के APMC बाजार में व्यापारियों ने तुर्की से सेब खरीदना पूरी तरह बंद कर दिया है। यह बाजार हर साल ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा का व्यापार करता है।
व्यापारी सय्योग ज़ेंडे ने कहा:
“अब हम हिमाचल, उत्तराखंड और ईरान से सेब ले रहे हैं। यह फैसला देशभक्ति और राष्ट्रहित के तहत लिया गया है।”
कांग्रेस नेता की मांग – तुर्की से सभी आयात पर लगे रोक
हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार से मांग की कि तुर्की से सेब समेत सभी उत्पादों का आयात तुरंत बंद किया जाए।
उन्होंने कहा:
“जब तुर्की में भूकंप आया था तब भारत ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत मदद भेजी थी। आज वही तुर्की पाकिस्तान के साथ खड़ा है – यह विश्वासघात है।”
पर्यटन को तगड़ा झटका – 80% बुकिंग रद्द
भारत से तुर्की जाने वाले पर्यटकों की संख्या 2024 में रिकॉर्ड पर थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह पलट चुकी है।
ट्रैवल एजेंसी Zotrav के संस्थापक संदीप खेतरपाल ने बताया:
“अब तक 80% से ज्यादा बुकिंग या तो रद्द हो चुकी हैं या टाल दी गई हैं।”
Travomint के रणनीतिक प्रमुख अमन बावेजा ने बताया:
“मनोरंजन या शादी के लिए अब कोई भी तुर्की नहीं जाना चाहता। दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप अब प्राथमिक विकल्प बन गए हैं।”
#BoycottTurkey अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक राष्ट्र भावना बन चुकी है। जब कोई देश भारत की सुरक्षा के खिलाफ खड़ा होता है, तो भारतीय जनता उसे माफ नहीं करती — न ही व्यापार में और न ही पर्यटन में।
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