CWC की बैठक में शशि थरूर की सरकार की सराहना पर उठे सवाल, कांग्रेस ने जताई नाराजगी — कहा यह समय एकजुटता दिखाने का है, न कि निजी राय देने का।
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की हालिया बैठक में एक बार फिर पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए। इस बार बहस की वजह बना ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर का बयान, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार की प्रेस ब्रीफिंग की खुलकर तारीफ की थी।
पार्टी हाईकमान ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए साफ कहा है कि “अब लक्ष्मण रेखा पार हो गई है।”
शशि थरूर की टिप्पणी पर बवाल
8 मई को थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था कि यह “भारत की आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है” और यह कोई धार्मिक संघर्ष नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ साझा लड़ाई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि https://janmatexpress.com/category/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/ युद्ध नहीं चाहता, पर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई को तैयार है। थरूर की तारीफ़ से कांग्रेस में घमासान
उनके इस बयान को पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर माना गया।
कांग्रेस का कड़ा संदेश
CWC बैठक में कहा गया कि:
- यह समय व्यक्तिगत विचार रखने का नहीं, बल्कि संगठित पार्टी स्टैंड दिखाने का है।
- थरूर जैसे वरिष्ठ नेताओं को अनुशासन का पालन करना चाहिए।
- ऑपरेशन सिंदूर सेना की बहादुरी का प्रतीक है, इसका कोई राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
- सरकार पर आरोप लगाया गया कि वह सैन्य कार्रवाई को अपनी उपलब्धि की तरह पेश कर रही है, जो गैर-जरूरी राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है।
सोशल मीडिया पर माहौल
वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तानी मीडिया द्वारा फैलाए गए फर्जी दावों पर भारतीय सोशल मीडिया यूज़र्स ने जबरदस्त मीम और ट्रोलिंग की।
“70% बिजली बंद, भारत अंधेरे में, हैकिंग सफल” जैसे झूठे दावों का खुलकर मज़ाक उड़ाया गया।
Why It Matters (Trending Highlight):
- CWC के मंच से मिला सख्त संदेश: “डिसिप्लिन फर्स्ट”
- ऑपरेशन सिंदूर पर राजनीतिक बहस से सेना का अपमान!
- क्या थरूर कांग्रेस में अलग सुर में बोलने वाले चेहरे बनते जा रहे हैं?


